सार्वजनिक लेखा
हर रुपया, सबके सामने
पंक्ति दर पंक्ति: क्या ख़र्च हुआ, किस दिन, किस ज़िले में, किस संकल्प के लिए — और किस आयोजक ने अपने नाम पर मंज़ूरी दी।
अब तक कुल ख़र्च
₹0
हर ज़िले और हर संकल्प को मिलाकर, आंदोलन की शुरुआत से।
लेखा तभी पढ़ने लायक़ है जब वह पूरा हो, इसलिए इसमें छोटी रक़में भी उतनी ही दर्ज हैं जितनी बड़ी — बोरों का ₹90 का बिल भी यहाँ ठीक उन्हीं शर्तों पर है। हर आँकड़ा बिल से, अभियान वाले दिन ही चढ़ाया जाता है।
हम कैसे गिनते हैं →अभी कुछ ख़र्च नहीं हुआ, इसलिए कुछ दर्ज नहीं है
पहली पंक्ति उसी दिन आएगी जिस दिन पहला अभियान चलेगा। इस तालिका को उदाहरण की पंक्तियों से भरकर जमा-जमाया दिखाने का इरादा नहीं है — जिस लेखे पर पहले दिन भरोसा न हो, उस पर बाद में भी नहीं होता।
- तारीख़
- रक़म
- मद
- ज़िला
- आयोजक
- किसने चुकाया
- बिल
संकल्प के हिसाब से चालू योग
स्वच्छ और जल-समृद्ध
₹0
भ्रष्टाचार-मुक्त
₹0
हुनर
₹0
आंदोलन का संचालन
₹0
पूरा लेखा अपने साथ ले जाइए
पूरा रिकॉर्ड CSV में, ठीक जैसा दिख रहा है — न कुछ जोड़ा गया, न कुछ छोड़ा गया।
पहली प्रविष्टियाँ आते ही उपलब्ध होगा
कुछ ग़लत लग रहा है?
तारीख़ और पंक्ति बता दीजिए। हम उसे बिल से मिलाएँगे, और अगर हमसे चूक हुई तो यहीं सार्वजनिक रूप से सुधारेंगे — इस नोट के साथ कि क्या बदला।
गड़बड़ी बताएँ →