
पारदर्शिता
हम पर भरोसा मत कीजिए — जाँच लीजिए।
“हर रुपया सार्वजनिक है” महीनों तक होमपेज पर लिखी एक पंक्ति भर थी। यह सेक्शन उसे ऐसी चीज़ बनाता है जिसे आप खोल सकें, छान सकें, और चुनौती दे सकें।
हमें परखने के चार रास्ते
हमारा तरीक़ा
सदस्य, शपथ और जगहों की हालत — किस तरह गिनी और जाँची जाती है। यह तरीक़ा एक भी आँकड़ा आने से पहले तय किया गया था।
आंदोलन की प्रगति
चार चालू आँकड़े, जो टीम ख़ुद भरती है — किसी डेवलपर के भरोसे नहीं। ये शून्य से शुरू हुए और सबके सामने बढ़ रहे हैं।
ज़िला निर्देशिका
राजस्थान के सभी 41 ज़िले, हर एक का अपना पन्ना — उन 40 का भी जहाँ अभी कुछ शुरू नहीं हुआ।
यह सेक्शन हमें किन बातों से बाँधता है
ख़र्च उसी दिन लेखे में दर्ज होगा जिस दिन हुआ — महीने के आख़िर में नहीं, जब आँकड़ा गोल करना आसान होता है।
हर गिनती उसी पन्ने पर उस तरीक़े के साथ छपेगी जिससे वह निकली है।
जहाँ हम कम पड़े, वह उसी रिपोर्ट में छपेगा जिसमें बाक़ी सब छपता है।
अगर आपको कोई ग़लत पंक्ति मिले, तो हम सार्वजनिक रिकॉर्ड सुधारेंगे — सिर्फ़ अपनी अंदरूनी कॉपी नहीं।
इनमें से हर चीज़ कितनी बार बदलती है
लेखे की प्रविष्टि
जिस दिन ख़र्च हुआ, उसी दिन
अभियान के बाद रिपोर्ट
48 घंटे के भीतर
ज़िले का पन्ना
जब भी टीम बने या अभियान चले
मासिक ब्यौरा
अगले महीने की पहली तारीख़
यहाँ कुछ ग़लत लग रहा है
तो हो सकता है सचमुच ग़लत हो। बताइए कौन-सी पंक्ति, और आपने क्या देखा — हम उसे बिल से मिलाएँगे, और ग़लती हमारी हुई तो यहीं सुधारेंगे।
