यह राजनीतिक दल नहीं है — और चुनाव नहीं लड़ रहाहर संयोजक का नाम सार्वजनिकभरतपुर और डीग, राजस्थान से शुरुआत
Public Commander Force
अभी हम यही माँग रहे हैंस्थानीय चुनाव पास हैं — बिना पैसा खर्च किए लड़िए, या स्वयंसेवक बनिएपंजीकरण खुला है — शुरुआत भरतपुर और डीग सेअभी हम यही माँग रहे हैंस्थानीय चुनाव पास हैं — बिना पैसा खर्च किए लड़िए, या स्वयंसेवक बनिएपंजीकरण खुला है — शुरुआत भरतपुर और डीग सेअभी हम यही माँग रहे हैंस्थानीय चुनाव पास हैं — बिना पैसा खर्च किए लड़िए, या स्वयंसेवक बनिएपंजीकरण खुला है — शुरुआत भरतपुर और डीग सेअभी हम यही माँग रहे हैंस्थानीय चुनाव पास हैं — बिना पैसा खर्च किए लड़िए, या स्वयंसेवक बनिएपंजीकरण खुला है — शुरुआत भरतपुर और डीग से
Volunteers at the Jaisalmer clean-up drive

भरतपुर और डीग से शुरुआत

अपणोराजस्थान,अपणेहाथोंसे

यह आंदोलन मेरा नहीं है। यह हर उस व्यक्ति का है जो अपने गांव, अपनी पंचायत के लिए एक कदम उठाने को तैयार है।

अभी स्थिति यह है

स्थानीय चुनाव पास हैं। आपकी भूमिका यहीं से शुरू होती है।

संस्थापक तीन तरह के लोग माँग रहे हैं, और सिर्फ़ यही तीन — जो बिना एक रुपया खर्च किए स्थानीय चुनाव लड़ने को तैयार हो, जो ऐसे किसी प्रचार में काम करने को तैयार हो, और जो अपने ही इलाक़े में स्वयंसेवक बनने को तैयार हो। बता दीजिए आप कौन हैं, हम फ़ोन करेंगे।

भगत सिंह लोहागढ़ — संस्थापक, पब्लिक कमांडर फ़ोर्स

भगत सिंह लोहागढ़

संस्थापक, पब्लिक कमांडर फ़ोर्स

संस्थापक की बात

“यह आंदोलन मेरा नहीं है।”

ईमानदारी की बात हर कोई करता है, शुरुआत कोई नहीं करता। इसलिए हमने शुरुआत खुद से की — इस आंदोलन का हर आयोजक अपने नाम से, सबके सामने काम करता है। और अब एक दूसरी बात कहनी है, क्योंकि स्थानीय चुनाव पास हैं: जो सीट करोड़ों खर्च करके जीती जाती है, उसे वे करोड़ों वापस कमाने पड़ते हैं — और वे आपके ही वार्ड से कमाए जाते हैं। मैं न कोई पार्टी बना रहा हूँ, न कोई चुनाव लड़ रहा हूँ। मैं सिर्फ़ इतना कह रहा हूँ कि पांच साल के लिए अपने एक वोट की रक्षा कीजिए।

अगले स्थानीय चुनाव

जीतने में खर्च नहीं, तो जीतकर वसूली नहीं

जो सीट करोड़ों में लड़ी जाती है, उसे वे करोड़ों वापस कमाने पड़ते हैं — और पास में इकलौता बजट आपके वार्ड का ही खड़ा होता है। संस्थापक का प्रस्ताव इस वाक्य का पहला हिस्सा तोड़ने का है। और यह आंदोलन अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारता।

मॉडल देखें

महापौर की सीट कितने में लड़ी जाती है

करोड़ों में

पांच साल में उस पद से आधिकारिक रूप से कितना मिलता है

एक मानदेय

यह अंतर किससे भरा जाता है

आपके पैसे से

हम किसके लिए खड़े हैं

तीन काम, एक इरादा

Clean Panchayat drive — main site clean-up
Clean Panchayat drive — waste segregation
Clean Panchayat drive — volunteers at work

महीना 1 · पहला काम

स्वच्छ पंचायत

पहले महीने का काम, उन टीमों के लिए जो बन रही हैं। हर टीम एक सार्वजनिक जगह चुनेगी, साफ़ करेगी, और एक कचरा-पृथक्करण केंद्र बनाएगी। एक नामित आयोजक, स्पष्ट उद्देश्य, और सार्वजनिक रिकॉर्ड।

क्या गिना जाता है

  • कचरा — निकाला और अलग किया गया
  • जगह की हालत — 6 और 12 महीने बाद
  • साथ आए भागीदार

क्या नहीं गिना जाता

उस दिन कितने लोगों की फ़ोटो खिंची — यह अकेले कोई मापदंड नहीं है।

पूरा कैलेंडर देखें →

हम कहाँ हैं

भरतपुर और डीग से शुरुआत। खुला पूरे 41 के लिए।

AjmerBeawarBhilwaraDidwana-KuchamanNagaurTonkBharatpur●Deeg●DholpurKarauliSawai MadhopurBikanerChuruHanumangarhSri GanganagarAlwarDausaJaipurJhunjhunuKhairthal-TijaraKotputli-BehrorSikarBalotraBarmerJaisalmerJaloreJodhpurPaliPhalodiSirohiBaranBundiJhalawarKotaBanswaraChittorgarhDungarpurPratapgarhRajsamandSalumbarUdaipur

फ़ील्ड से

जैसलमेर में सफ़ाई अभियान

असली लोग, असली गांव, असली काम — हर फ़ोटो के पीछे एक नाम और एक जगह है।

जैसलमेर सफ़ाई अभियान

जैसलमेर सफ़ाई अभियान

धरोहर स्थल की सफ़ाई

धरोहर स्थल की सफ़ाई

जैसलमेर सफ़ाई अभियान

जैसलमेर सफ़ाई अभियान

जैसलमेर सफ़ाई अभियान

जैसलमेर सफ़ाई अभियान

जैसलमेर सफ़ाई अभियान

जैसलमेर सफ़ाई अभियान

सभी तस्वीरें देखें →

कैमरे पर

आंदोलन, जैसा फ़ील्ड में दिखा

लिखी हुई रिपोर्ट अपनी जगह है। पर जो जगह साफ़ होती दिखती है, उसे कोई शब्द नहीं समझा सकता — इसलिए क्लिप यहीं, सीधे।

हर क्लिप के नीचे उसका मूल लिंक है। बिना स्रोत के कोई वीडियो इस पन्ने पर नहीं आता — जो बात हम आँकड़ों पर लागू करते हैं, वही वीडियो पर भी।

डिस्पैच

हर अभियान के बाद, एक छोटी रिपोर्ट

लंबे लेख नहीं — तारीख़, जगह, क्या हुआ, किसने किया, और दो तस्वीरें। यही रिकॉर्ड बाद में साल भर की रिपोर्ट बनता है।

पहला डिस्पैच पहले अभियान के बाद

हम इस पन्ने को भरने के लिए इधर-उधर की खबरें नहीं चिपकाएँगे। पहली प्रविष्टि पहले अभियान के साथ ही आएगी।

पूछने से पहले

जो सवाल सबसे पहले आते हैं

इनके जवाब हमारे पास हैं — इसलिए इन्हें यहीं, पहले ही, लिखकर रख देते हैं।

अब भी कोई सवाल बाकी है?

हमें लिखिए →

पब्लिक कमांडर फ़ोर्स है क्या?

राजस्थान के गाँवों का एक नागरिक आंदोलन, जो तीन कामों पर टिका है — स्वच्छ और जल-समृद्ध राजस्थान, ईमानदारी जो खुद से शुरू हो, और हुनर जो सच में काम दिलाए। अभी यह पंजीकरण के चरण में है और शुरुआत भरतपुर और डीग ज़िलों से हो रही है। संस्थापक भगत सिंह लोहागढ़ हैं।

क्या यह कोई राजनीतिक दल है?

नहीं। यह पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, किसी दल से जुड़ा नहीं है, और कोई उम्मीदवार नहीं उतारता। संस्थापक ने साफ़ कहा है कि वे न दल बना रहे हैं, न चुनाव लड़ रहे हैं। यह आंदोलन सिर्फ़ इतना करता है — लोगों को प्रोत्साहित करता है कि वे ज़िम्मेदार और भरोसेमंद प्रतिनिधि आगे लाएँ और उन्हीं को चुनें, ताकि जो भी शासन में आए, वह वार्ड की अपनी पसंद हो — पैसे के दम पर नहीं।

गिनती की जाँच कैसे होती है?

इस साइट का हर आंकड़ा नामित लोगों के रजिस्टर से गिना जाता है — हर नाम के साथ मोबाइल नंबर, और हर प्रविष्टि हमारे स्टाफ़ द्वारा उस व्यक्ति से बात करने के बाद ही दर्ज। कोई कुल संख्या टाइप नहीं कर सकता, क्योंकि उसका ख़ाना ही नहीं है। जब अभियान शुरू होंगे, तब हर पंचायत टीम हर महीने वही पाँच खाने भी भरेगी, और जो टीम काम पूरा नहीं करेगी उसका नाम भी उसी रिपोर्ट में जाएगा। पूरा तरीका हमारे मेथडोलॉजी पन्ने पर है।

मेरे ज़िले में टीम कैसे शुरू होगी?

आप फ़ॉर्म भरिए, ज़िला और पंचायत लिखिए। जब एक पंचायत से तीन नाम आ जाते हैं, हम आपको आपस में मिलाते हैं और पहला काम भेजते हैं। इससे पहले नहीं — अकेले आदमी को "टीम" कहना गिनती में झूठ है।

क्या जुड़ने का कोई शुल्क है?

नहीं। न कोई शुल्क, न कोई सदस्यता कार्ड जो बिके, न कोई मिस्ड कॉल नंबर। नाम, मोबाइल, ज़िला, पंचायत — बस इतना, और आप जब चाहें हटवा सकते हैं।

यह किसके लिए है

क्या आप जुड़ सकते हैं?

हम जाति, धर्म, दल या पद नहीं पूछते। चार बातें ज़रूर पूछते हैं — और चारों का जवाब आप खुद जानते हैं।

जो बातें आप पर लागू होती हैं, उन्हें छूकर देखिए।

0में से6बातें आप पर लागू होती हैं

आंदोलन से जुड़ें →

आज ही शुरुआत करें

अपने नाम से आंदोलन को मज़बूत करें

नाम, मोबाइल नंबर, ज़िला और पंचायत — बस इतना ही चाहिए। बाकी हम संभाल लेंगे।

आप किसमें मदद करना चाहते हैं?

फ़ॉर्म नहीं भरना चाहते?

संपर्क

एक आंदोलन। एक पता। जवाब एक आदमी देता है।

यहाँ कोई फ़ॉर्म ज़रूरी नहीं है। सीधे लिखिए — जवाब किसी ऑटो-रिप्लाई से नहीं, एक आदमी से आएगा। न कोई मीडिया डेस्क है, न कोई एक्सचेंज, क्योंकि यहाँ ऐसी कोई चीज़ है ही नहीं जिसे उसकी ज़रूरत हो।

आंदोलन को लिखें

जुड़ना, पंचायत टीम, अभियान, कार्यक्रम, किसी नियम को लेकर शिकायत, या कोई आँकड़ा जिसकी पुष्टि चाहिए — सब एक ही जगह आता है, और रोज़ पढ़ा जाता है।

आंदोलन को लिखें →

contact@commanderspublicforce.com· जुड़ना / पंचायत टीम

व्हाट्सएप पर लिखें